शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, पोस्ट शेयर कर बताई इस्तीफे की वजह

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

नीट पेपर लीक मामले के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दरअसल छात्रों ने पेपर लेक मामले पर दिल्ली में जमकर प्रदर्शन किया था और धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। जिसके बाद अब धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।

धर्मेंद्र प्रधान ने पोस्ट में क्या लिखा?
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की जिसमें अपने इस्तीफा देने की वजह भी बताई। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की।  मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया और अगले साल से NEET को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित करने की घोषणा की गई।”

फास्टट्रैक कोर्ट किया है गठित
गौरतलब है कि इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फास्टट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा थी। पीएम की इस घोषणा के कुछ घंटों बाद ही दिल्ली उच्च न्यायालय ने फास्टट्रैक कोर्ट गठित कर दिया। इस कोर्ट का विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालिगा को नियुक्त किया गया।

पीएम मोदी ने की थी घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पेपर लीक में शामिल लोगों को बक्शा नहीं जाएगा। दोषियों को कठोर से कठोर सजा दी जाएगी। और इसी के मद्देनजर फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया है। नीट पेपर लीक मामले में आरोपियों पर नए ‘एंटी-चीटिंग’ कानून के तहत कार्रवाई होगी और उन पर ‘पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।

कानून के तहत क्या प्रावधान?
बता दें की इस नए ‘एंटी-चीटिंग’ कानून के तहत जो भी दोषी पाए पाया जाएगा उसे पांच साल की जेल और 10 लाख रुपए का जुर्माना हो सकता है।

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