गुजरात में भयंकर बाढ़ का कहर देखने को मिला। इस बीच प्रशासन, स्वयंसेवकों ने राहत कार्यों को पूरी तेजी से जारी रखा। गुजरात सरकार ने बाढ़ प्रभावित कई जिलों में राहत और पुनर्निर्माण कार्यों को तेज कर दिया। जिसे लेकर वरिष्ठ बीजेपी नेताओं ने राहत कार्यों की समीक्षा की। राहत कार्यों के बीच क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की गई, अवरुद्ध राजमार्गों को खोला गया, और कई दिनों की भारी बारिश के बाद नुकसान आकलन सर्वेक्षणों में तेजी आई।
राहत कार्यों की समीक्षा
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने राहत कार्यों की समीक्षा की जो बाढ़ के दौरान और बाद में किए गए थे। दोनों नेताओं ने नवसारी जिला आपदा नियंत्रण कक्ष का दौरा किया। जिला कलेक्टर मनीष गुरवानी ने उन्हें विभिन्न विभागों की ओर से समन्वित बचाव कार्यों, प्रभावित निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविरों में व्यवस्थाओं, भोजन और पेयजल की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर निगरानी के बारे में जानकारी दी।
नुकसानों का आकलन के लिए सर्वे तेज
अधिकारियों ने बताया कि निचले इलाकों से बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही, प्रशासन अपने कार्यों में जुट गया। राज्य सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार फसलों, घरों, सार्वजनिक संपत्ति और अन्य नुकसानों का आकलन करने के लिए सर्वे तेज कर दिए हैं, ताकि पात्र प्रभावित निवासियों को जल्द से जल्द राहत सहायता मिल सके।
स्वयंसेवकों, संगठनों की सराहना
इसी बीच मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने स्वयंसेवकों, संगठनों की राहत कार्यों को लेकर सराहना की। उन्होंने कहा कि गुजरात के विभिन्न जिलों में भारी बारिश के कारण बहुत नुकसान हुआ। इस स्थिति में, स्वयंसेवकों, धर्मार्थ संगठनों और सामुदायिक नेताओं ने राहत और बचाव कार्यों को अंजाम देने में सरकारी तंत्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। सबका सेवा भाव प्रशंसा करने योग्य है।
पत्रकारों की भूमिका की सराहना
इसके साथ ही मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने संकट के दौरान पत्रकारों की भूमिका की सराहना भी की। सीएम ने कहा कि गुजरात में भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति में मीडियाकर्मी समय पर और सटीक जानकारी प्रदान करके नागरिकों को कठिनाइयों से बचाने में उत्कृष्ट भूमिका निभा रहे हैं। इस संकट की घड़ी में मीडियाकर्मी भी जनता की सेवा में सरकार के साथ शामिल हो गए हैं।












