देश में जहाज निर्माण उद्योग को बड़ी मजबूती मिलने जा रही है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 69,725 करोड़ रुपए के पैकेज को मंजूरी दी है। जिसके बाद अब घरेलू जहाज निर्माण क्षमता बढ़ेगी इसके साथ ही समुद्री क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक वित्तपोषण उपलब्ध होने के साथ-साथ कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।
पैकेज के तहत स्कीम को मंजूरी
लोकसभा में जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस पैकेज के तहत 24,736 करोड़ रुपए की शिपबिल्डिंग फाइनेंशियल असिस्टेंस स्कीम को मंजूरी दी गई है। जो भारतीय शिपयार्ड की लागत को वैश्विक शिपयार्ड के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगा।
वित्तीय सहायता होगी उपलब्ध
मंजूर किए गए इस पैकेज का एक प्रमुख हिस्सा 25,000 करोड़ रुपए का मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड है। जिसके जरिए जहाज निर्माण और समुद्री क्षेत्र को दीर्घकालिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
जहाज निर्माण उद्योग को बढ़ावा
सरकार ने जहाज निर्माण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई प्रभावी प्रयास किए हैं। इनमें बड़े जहाजों को इन्फ्रास्ट्रक्चर का दर्जा देना शामिल है। मांग को एकीकृत करने की रणनीति के तहत 400 से अधिक जहाजों के अधिग्रहण की योजना तैयार की गई है, जिससे भारतीय शिपयार्ड को लंबे समय तक ऑर्डर मिलने की स्पष्टता मिलेगी।












