सावन महीने में अब भोले बाबा के दर्शनों के लिए काँवड़िए यात्रा पर निकलेंगे। जिसे लेकर देश में जगह-जगह उनके स्वागत की तैयारी की जा रही है। उत्तराखंड की धामी सरकार के निर्देशों पर प्रशासन व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटा है। कांवड़ यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस लाइन रोशनाबाद में बैठक आयोजित की गई। उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित हुई।
काँवड़ यात्रा पर अहम बैठक
एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी एसटीएफ निलेश आनंद भरणे, आईजी संचार विम्मी सचदेवा, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मेले की तैयारियों की समीक्षा
बैठक में काँवड़ मेले की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस दौरान फैसला लिया गया कि कांवड़ मेले की सुरक्षा के लिए 6 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ 13 कंपनी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, पीएसी, आईआरबी, होमगार्ड और पीआरडी के जवानों को तैनात किया जाएगा।
सुरक्षा इंतजामों को किया पुख्ता
सुरक्षा इंतजामों को और पुख्ता करने के लिए 10 ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी नेटवर्क, 9 बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड टीम सक्रिय रखा जाएगा। बता दें कि कांवड़ मेले का नोडल अधिकारी एसपी सिटी को बनाया गया है। ग्रामीण क्षेत्र की जिम्मेदारी एसपी देहात देखेंगे। यातायात व्यवस्था और डायवर्जन प्लान की कमान एसपी क्राइम एवं ट्रैफिक निशा यादव को दी गई है।
अधिकारियों और जवानों को जरूरी निर्देश
एडीजी वी. मुरुगेशन ने अधिकारियों और जवानों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वे कांवड़ मेले को चुनौती के रूप में लें और पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करें। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर तुरंत नियंत्रण किया जाए और किसी भी घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जाए।
वहीं आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने कहा कि धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले तत्वों, सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों की विशेष निगरानी की जाए। शांति व्यवस्था बनाए रखी जाए।












