पीएम श्री यानि प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया योजना के तहत विद्यालयों को विकसित किया जा रहा है। इस योजना के तहत देशभर में अब तक 13 हजार 92 विद्यालयों का चयन किया गया है। इन विद्यालयों को विकसित करने की दिशा में बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। जो विद्यार्थियों को संस्कृत, उर्दू और विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं का ज्ञान दे रहे हैं।
विद्यालयों को आधुनिक बनाना उद्देश्य
लोकसभा में शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने बताया कि पीएम श्री एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका उद्देश्य देशभर में 14 हजार 500 से ज्यादा विद्यालयों को आधुनिक बनाना है। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप आदर्श विद्यालयों के रूप में विकसित करना है।
यूपी में सबसे ज्यादा पीएम श्री विद्यालय
मंत्री जयंत चौधरी ने बताया कि राज्यों के आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में पीएम श्री विद्यालय चयनित किए गए हैं। इन विद्यालयों की संख्या 1,888 है। इसके बाद दूसरे नंबर पर आंध्र प्रदेश है, जहां 982 पीएम श्री विद्यालय चयनित किए गए हैं। वहीं महाराष्ट्र में 946 पीएम श्री विद्यालय, मध्य प्रदेश में 944 पीएम श्री विद्यालय, बिहार में 904 पीएम श्री विद्यालय शामिल है। ओडिशा में 840 पीएम श्री विद्यालय और तेलंगाना में 832 विद्यालय शामिल हैं।
आंध्र प्रदेश में 2,142 क्षेत्रीय भाषाओं के शिक्षक
वहीं अगर बात करें भाषाई शिक्षकों की तो नियुक्ति के आंकड़ों के अनुसार, क्षेत्रीय भाषाओं के लिए सबसे ज्यादा 2,142 शिक्षक आंध्र प्रदेश में नियुक्त किए गए हैं। इसके बाद तेलंगाना में 1,666, कर्नाटक में 1,115 क्षेत्रीय भाषा शिक्षक नियुक्त किए गए है।
विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
सरकार का कहना है कि पीएम श्री योजना का उद्देश्य विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। इसके साथ ही आधुनिक डिजिटल सुविधाओं और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।












