बिहार में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना का बड़ा लाभ, सस्ती दवाओं से जनता को करोड़ों की बचत

बिहार में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना की प्रगति वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान उल्लेखनीय रही।

प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना का लाभ देशभर के लोगों को मिल रहा है। इस योजना के तहत लोगों को सस्ती और गुणवतापूर्ण दवाइयाँ उपलब्ध हो रही है। इसी दिशा में बिहार में भी प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना की प्रगति वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान उल्लेखनीय रही।

219.18 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज
लोकसभा में रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने इस योजना को लेकर पूरी जानकारी दी। मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के तहत बिहार में वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 410 जन औषधि केंद्र (जेएके) खोले गए हैं। जिनमें सरकारी अस्पतालों में 3 केंद्र और ग्रामीण क्षेत्रों में 309 केंद्र शामिल हैं। बिहार में 219.18 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई है। जिसके परिणामस्वरूप नागरिकों को लगभग 876.72 करोड़ रुपये की अनुमानित बचत हुई है।

महिलाओं के लिए सुविधा
इसके अलावा इस योजना के तहत महिलाओं के लिए मासिक धर्म स्वच्छता उत्पादों की किफायती उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, जन ​​औषधि सुविधा सैनिटरी नैपकिन जन औषधि केंद्रों के माध्यम से 1 रुपये प्रति पैड की दर से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बिहार राज्य में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, जन औषधि केंद्रों के माध्यम से 1.17 करोड़ से अधिक जन औषधि सुविधा सैनिटरी नैपकिन बेचे जा चुके हैं।

स्टॉक की उपलब्धता की निरंतर निगरानी
मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि दवाइयों के स्टॉक की उपलब्धता की निरंतर निगरानी की जाती है। ऐसे में अगर स्टॉक की कमी पाई जाती है तो इस कमी को दूर करने और बिहार सहित पूरे देश में आवश्यक दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समय पर सुधारात्मक उपाय लागू किए जाते हैं।

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