उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य को शिक्षा के क्षेत्र में ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए अहम कदम उठा रही है। राज्य को उच्च शिक्षा और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में योगी सरकार ने तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को संचालन प्राधिकार पत्र प्रदान किए है। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर प्रदेश में स्थापित होने जा रहे तीन नए निजी विश्वविद्यालयों के प्रबंधन को ‘संचालन प्राधिकार पत्र’ प्रदान किया। बता दें कि योगी सरकार की इस पहल से गाजियाबाद, कानपुर और फतेहपुर जनपदों में उच्च शिक्षा का विस्तार होगा। युवाओं को अपने ही क्षेत्र में उच्च और बेहतर शिक्षा के अवसर प्राप्त होंगे।
आधिकारिक संचालन प्राधिकार पत्र सौंपे
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने जनपद गाजियाबाद में ‘अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय’ के संचालन के लिए ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसाइटी’ गाजियाबाद के सचिव चेयरमैन को, कानपुर नगर के बिल्हौर में ‘महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय’ के संचालन के लिए ‘स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट’, दिल्ली के सचिव को और फतेहपुर में ‘ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय’ के संचालन, एंग्लो संस्कृत कॉलेज, फतेहपुर के अध्यक्ष को आधिकारिक संचालन प्राधिकार पत्र सौंपा।
योगी सरकार का क्या उद्देश्य?
उच्च शिक्षा मंत्री ने संबंधित संस्थाओं से अपेक्षा की कि वे शासन की ओर से निर्धारित मानकों, नियमों और शर्तों का अनुपालन करेंगे और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, रोजगारपरक और मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि योगी सरकार प्रदेश में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जिसके लिए उच्च शिक्षा के ढांचे को योगी सरकार की ओर से सुदृढ़ किया जा रहा है। इससे राज्य के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों का लाभ मिलेगा और अच्छे वातावरण में अपनी पढ़ाई सुचारु कर सकेंगे।












