दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र जारी है। सत्र के दौरान CAG की रिपोर्ट पेश की गई। इस रिपोर्ट में पूर्व सरकार के कार्यकाल में सार्वजनिक संसाधनों के प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े किए गए। बता दें की इस रिपोर्ट में सरकारी धन और संसाधनों के इस्तेमाल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल उठाए गए हैं।
सदन में रिपोर्ट पेश
सदन में रिपोर्ट पेश होने के बाद सरकार ने कहा कि जनता का पैसा असल में लोगों का ही पैसा है। इस पैसे के इस्तेमाल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। दिल्ली सरकार के अनुसार, जनता के प्रत्येक रुपये का उपयोग दिल्लीवासियों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने में होना चाहिए।
नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता
दिल्ली सरकार ने कहा कि जनता के इस पैसे से बेहतर सड़कों, सरकारी स्कूलों, स्वास्थ्य सेवाओं, सार्वजनिक परिवहन और अन्य नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। इसके साथ ही वित्तीय अनुशासन, पारदर्शी शासन और संस्थागत जवाबदेही को मजबूत करने का भरोसा दिया गया।
पारदर्शी शासन, वित्तीय अनुशासन के लिए प्रतिबद्ध
दिल्ली सरकार ने कहा कि पारदर्शी शासन, वित्तीय अनुशासन और संस्थागत जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्ध है। CAG रिपोर्ट के सामने आने के बाद अब उसकी टिप्पणियों और निष्कर्षों पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा की संभावना है।












