UCC यानि समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। राज्य सरकार ने इसके लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की है। सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में इस पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति का काम है यूसीसी के संबंध में लोगों के सुझाव लेना। जिसके लिए समिति ने आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, समुदायों और राजनीतिक दलों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। जो भी इच्छुक नागरिक है वो 15 अक्टूबर 2026 तक अपने सुझाव समिति को भेज सकते हैं।
पांच सदस्यीय समिति का क्या कार्य?
छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से गठित पांच सदस्यीय समिति राज्य में UCC की आवश्यकता, उसकी रूपरेखा और उसे लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन कर रही है। इसके साथ ही समिति विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और अन्य व्यक्तिगत सिविल मामलों से जुड़े वर्तमान कानूनों और व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा भी करेगी। समिति प्राप्त सुझावों के आधार पर अपनी अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंपेगी।
UCC लागू करने वाला पाँचवा राज्य बनेगा
बता दें कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। इसके बाद गोवा, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में भी यूसीसी लागू किए जाने का उल्लेख किया गया है। यदि अब छत्तीसगढ़ भी यह कानून लागू कर देता है तो यूसीसी लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पाँचवा राज्य बन जाएगा।












