दिल्ली-एनसीआर में विकास को रफ्तार देने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कई योजनाओं के चलते यहाँ लोगों को हर सुविधा का लाभ दिलाने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। इसी दिशा में हाई-स्पीड नमो भारत और बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर भी तेज़ी से काम चल रहा है। इस परियोजना के पूरा होने से दिल्ली-एनसीआर में यात्रा को रफ्तार मिलेगी।
सराय काले खां योजना का मुख्य केंद्र
बता दें कि सराय काले खां इस पूरी योजना का मुख्य केंद्र होगा, जहां से कुल 8 नमो भारत कॉरिडोर को जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के पहले चरण में तीन प्रमुख रूटों पर तेज़ी से काम जारी है। जिसके बाद ही पांच और नए रूट विकसित किए जाएंगे। इन सभी कॉरिडोर के बन जाने से यात्रा के समय में कटौती होगी। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच सफर का समय काम हो जाएगा। वहीं यात्रियों को भी कई सुविधाएं मिलेंगी।
देश का पहला नमो भारत कॉरिडोर
देश का पहला नमो भारत कॉरिडोर दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर बन गया है। इसमें सराय काले खां, आनंद विहार और गाजियाबाद जैसे मेट्रो स्टेशन और बस स्टैंड जुड़े हैं। जिसमें बाद में मुजफ्फरनगर, रुड़की और हरिद्वार होते हुए ऋषिकेश तक बढ़ाने का प्लान है। हालांकि अभी इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है।
अन्य नमो भारत कॉरिडोर
देश का दूसरा कॉरिडोर दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर कॉरिडोर है। इसके तहत 164 किमी लंबा यह रूट दिल्ली को हरियाणा (गुरुग्राम, मानेसर) और राजस्थान (अलवर) के औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ेगा। वहीं तीसरा दिल्ली-पानीपत-कॉरिडोर है जिसमें 103 किमी का रूट सोनीपत और पानीपत को दिल्ली से जोड़ेगा। इसके अलावा गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के बीच 72 किमी का नया रूट बनेगा, जिससे मेरठ और दिल्ली के लोगों के लिए एयरपोर्ट पहुंचना आसान हो जाएगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यात्रियों के लिए यात्रा बेहद सुगम और आसान हो जाएगी। सफर का समय तो काम होगा ही साथ ही यात्रियों को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी।












