देश में लाखों लोगों के अपने घर का सपना मोदी सरकार साकार कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी और इसके संशोधित संस्करण पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत लाखों लोगों को लाभ मिल रहा है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने साल 2015 से अब तक 127.68 लाख घरों को मंजूरी दी है। जिनमें से 121.03 लाख घरों का निर्माण शुरू हो चुका है वहीं 99.07 लाख घर योजना के लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।
क्या है पूरी योजना?
राज्यसभा में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने बताया कि योजना को चार वर्टिकल्स के जरिए लागू किया जा रहा है जिनमें लाभार्थी आधारित निर्माण, साझेदारी में किफायती आवास, किफायती किराए का आवास और ब्याज सब्सिडी योजना शामिल हैं। तोखन साहू ने कहा कि एआरएच वर्टिकल के तहत प्रवासी मजदूरों, कामकाजी महिलाओं, छात्रों और शहरी गरीबों के लिए कार्यस्थलों के पास किराए के घर बनाने की योजना है। जुलाई 2020 में शुरू की गई एआरएचसी योजना के तहत जम्मू-कश्मीर में 336 घरों को किराए के आवास में बदला गया है।
शहरी लाभार्थियों को मिले पक्के घर
साथ ही उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में अब तक 45 हजार 982 घरों को मंजूरी मिली है। जिनमें से 43 हजार 907 घरों का निर्माण शुरू हो चुका है। वहीं 35 हजार 961 पूरे हो चुके हैं। बता दें कि 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी शुरू हुई थी। वहीं 1 सितंबर 2024 से इसका संशोधित संस्करण पीएमएवाई-यू 2.0 ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ मिशन लागू हुआ। योजना का उद्देश्य पात्र शहरी लाभार्थियों को पक्के घर उपलब्ध कराना है।












