प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नशे के खिलाफ‘विकसित भारत के लिए नशा-मुक्त युवा शपथ अभियान’का शुभारंभ किया। इसी दिशा में गुजरात में इस अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम गांधीनगर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शिरकत की। इस अवसर पर युवाओं से अपील की कि वे विकसित भारत के संकल्प के तहत नशे के खिलाफ लड़ाई में सहयोग दें।
युवाओं से किया संवाद
इस कार्यक्रम में गवर्नर आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने युवाओं से संवाद किया। युवाओं को ‘नशा-मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प’ लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा हो सकता है जब देश का युवा स्वस्थ रहे।
अभियान को जन आंदोलन बनाने पर जोर
संवाद के दौरान ‘माय भारत’ के एक वॉलंटियर ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से नशा-विरोधी अभियान में ज्यादा युवाओं को शामिल करने के उपायों के बारे में पूछा। जिस पर मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने कहा कि सरकार इस अभियान को जन-आंदोलन में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि युवा नशे से दूर रहें और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।
विकसित भारत का संकल्प
इस देशव्यापी अभियान में गुजरात सहित 26 राज्यों के राज्यपालों और 11 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान देश भर के युवा प्रतिभागियों ने नशीले पदार्थों के खिलाफ शपथ ली। इस दौरान कार्यक्रम में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को लेकर जागरूकता फिल्म दिखाई गई। नुक्कड़ नाटक के जरिए युवाओं को जागरूक किया गया। सभी नागरिकों से अपील की गई ज्यादा से ज्यादा लोग इस अभियान में अपना सहयोग दें। युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करें। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश का युवा नशा मुक्त होगा।












