छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में एक और अहम उपलब्धि दर्ज की गई है। प्रदेश में महिला एवं बाल विकास सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की विशेष पहल और निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप सूरजपुर जिले में 5 नए आंगनबाड़ी केंद्रों को मंजूरी मिल गई है। इस फैसले की जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी आदेश से दी गई।
जरूरतमंद क्षेत्रों में पहुंचेगी सुविधाएं
इस फैसले से दूरस्थ और जरूरतमंद क्षेत्रों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों को पोषण, स्वास्थ्य और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा सेवाएं और ज्यादा सुलभ हो सकेंगी। इस फैसले में स्वीकृत केंद्रों के नाम इस प्रकार है:- ओड़गी और भैयाथान परियोजना के अंतर्गत डगमलापारा, भूंडा, झाडूडीह, पण्डोपारा, बगईहापारा।
60 दिनों के अंदर संचालन अनिवार्य
बता दें कि इन क्षेत्रों की जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्रों की स्वीकृति दी गई है। सभी पाँच आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन 60 दिनों के अंदर अनिवार्य रूप से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
बच्चों और माताओं को सीधा लाभ
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को सुपोषण, स्वास्थ्य सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सूरजपुर जिले में नए आंगनबाड़ी केंद्रों की स्वीकृति से यह संभव हो सकेगा। दूरस्थ बस्तियों में रहने वाले बच्चों और माताओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। वहीं कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को और ज्यादा मजबूती मिलेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगी मूलभूत सेवाएं
बता दें कि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इन नए केंद्रों की स्वीकृति के बाद सूरजपुर जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की कुल संख्या 2086 हो जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों तक मूलभूत सेवाओं को पहुंचाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।












