देवभूमि उत्तराखंड विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में चारधाम यात्रा के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचे। इसके साथ ही राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जिससे राज्य के पर्यटन को पंख लगे है साथ ही राज्य के विकास की रफ्तार भी तेज हो गई है।
ढाई गुना बढ़ी दर्शनार्थियों की संख्या
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार साल 2026 की पहली छमाही में जागेश्वर धाम और त्रियुगीनारायण मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या लगभग ढाई गुना बढ़ी है, जबकि धारी देवी में करीब दोगुनी और पूर्णागिरि धाम में लगभग डेढ़ गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस धार्मिक स्थलों के लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या इस बात का संकेत हैं कि उत्तराखंड जल्द ही विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर है।
आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर जोर
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए चारधाम के साथ अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने, प्राचीन मंदिरों के विकास, तीर्थस्थलों पर आधुनिक सुविधाओं के विस्तार और सड़क और परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।
धार्मिक पर्यटन का हो रहा विस्तार
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव धार्मिक पर्यटन पर दिखाई दे रहा है। चारधाम यात्रा के साथ ही राज्य के अन्य प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। चारधाम यात्रा इस साल नया कीर्तिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर है। यात्रा के 105 दिनों में अब तक 45 लाख 84 हजार 375 श्रद्धालु चारोंधामों के दर्शन कर चुके हैं।












