उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपनी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 में बड़ा बदलाव किया है। बता दें की योगी सरकार की यह योजना पारंपरिक कारीगरों और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। राज्य सरकार ने अब योजना में 11 पारंपरिक ट्रेड के साथ पांच नए पारंपरिक और नौ आधुनिक ट्रेड जोड़ दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रशिक्षण लेने वालों को कुल 25 ट्रेड में प्रशिक्षण, टूलकिट और वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया गया है।
पांच नए पारंपरिक ट्रेड जोड़े गए
योजना में इस बड़े बदलाव की जानकारी देते हुए संयुक्त आयुक्त उद्योग योगेश कुमार ने बताया कि योजना में पहले बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, मोची, नाई, राजमिस्त्री, और धोबी सहित 11 पारंपरिक ट्रेड शामिल थे। अब योजना में मूर्तिकार, मालाकार, दूधवाला, भरभुजा और मछुआरा जैसे पांच नए पारंपरिक ट्रेड जोड़े गए हैं।
योजना के तहत क्या लाभ?
बता दें कि योगी सरकार की इस योजना के तहत प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्रतिदिन भत्ता मिलेगा। वहीं जब प्रतिभागियों का प्रशिक्षण पूरा हो जाएगा तो उन्हें 15 हजार तक की टूलकिट उपलब्ध कराई जाएगी।












