दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार नई ईवी नीति के तहत दिल्ली में फुटपाथ पर बनाए गए विद्युत वाहनों के चार्जिंग केंद्र हटाने की तैयारी में है। दिल्ली सरकार ने माना है कि इन केंद्रों से पैदल यात्रियों को असुविधा हो रही है। यातायात जाम और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। अब दिल्ली सरकार नई ईवी नीति 2026 के तहत चार्जिंग ढांचे के विस्तार के साथ उसके लिए उचित स्थान सुनिश्चित करने पर भी जोर दे रही है।
पैदल यात्रियों को हो रही असुविधा
बता दें कि दिल्ली में साल 2020 में आम आदमी पार्टी सरकार ने यह ईवी नीति लागू की थी। उस समय पूर्व सरकार ने राजधानी को विद्युत वाहनों के लिए अग्रणी शहर बनाने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, चार्जिंग ढांचे के लिए पर्याप्त और उपयुक्त स्थानों की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण बाद में कई स्थानों पर फुटपाथ पर ही चार्जिंग केंद्र स्थापित कर दिए गए। जिससे अब पैदल यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
व्यवस्था में बदलाव का फैसला
लेकिन अब दिल्ली सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल में स्पष्ट किया था कि भविष्य में फुटपाथ पर विद्युत वाहन चार्जिंग बिंदु स्थापित नहीं किए जाएंगे। संबंधित विभागों को सर्वे के लिए निर्देश दिए गए हैं और चार्जिंग केंद्रों के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान की जा रही है।
4 सालों में 32,000 चार्जिंग बिंदु बनाने का लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने 1 जुलाई को नई ईवी नीति 2026 अधिसूचित की है। इस नई नीति के तहत अगले 4 सालों में राजधानी में विद्युत वाहन चार्जिंग बिंदुओं की संख्या 10,000 से बढ़ाकर 32,000 करने का लक्ष्य रखा गया है। दिल्ली सरकार का उद्देश्य विद्युत वाहनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ चार्जिंग सुविधाओं के लिए व्यवस्थित आधारभूत ढांचा तैयार करना है।












