केंद्र की अनुसूचित जाति के लिए राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति योजना, 7 सालों में 580 छात्रों को मिली छात्रवृत्ति 

केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति के लिए राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति योजना को लेकर लोकसभा में पूरी जानकारी दी।

केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति के लिए राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति योजना को लेकर लोकसभा में पूरी जानकारी दी। सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने लोकसभा में बताया कि इस के तहत वर्ष 2019-20 से 2025-26 की अवधि के दौरान कुल 580 छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। इसके साथ ही उन्हें विदेश में दाखिला दिलाया गया है।

छात्रों को मिला योजना का लाभ
मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, 2019-20 में 41 छात्रों को योजना के तहत छात्रवृत्ति मिली, उसके बाद 2020-21 में 71 छात्रों को छात्रवृति मिली।  2021-22 में 98 छात्रों को, 2022-23 में 98 छात्रों को छात्रवृति प्रदान की गई। वहीं 2023-24 में 114 छात्रों, 2024-25 में 80 छात्रों और 2025-26 में 78 छात्रों को इस योजना के तहत छात्रवृत्ति मिली।

वेबसाइट पर जानकारी उपलब्ध
मंत्री रामदास अठावले  ने बताया कि इस योजना को लेकर छात्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए, योजना के दिशा-निर्देशों और निर्देशों सहित प्रासंगिक विवरण विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध किए जाते हैं। केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि योजना को लेकर समाचार पत्रों में विज्ञापन भी प्रकाशित किए जाते हैं। ताकि छात्र इस योजना से लाभान्वित हो सकें।

ऑनलाइन पोर्टल से आवेदन आमंत्रित
मंत्री ने कहा कि इस एनओएस योजना के अंतर्गत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। इस योजना के तहत, संबंधित भारतीय मिशनों/दूतावासों को प्राधिकरण पत्र के माध्यम से अग्रिम रूप से धनराशि जारी की जाती है। जिसमें उन्हें दावा प्राप्त होने पर संबंधित विश्वविद्यालयों और छात्रों को जल्द से जल्द आवश्यक धनराशि वितरित करने का निर्देश दिया जाता है।

आवेदन प्रक्रिया को बनाया जा रहा आसान
इसके अलावा योजना को लेकर जागरूकता बढ़ाने, आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल बनाने और समय पर धनराशि के वितरण को आसान बनाने के लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे है। इस योजना से सरकार का उद्देश्य अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए विदेश में उच्च शिक्षा के अवसरों तक पहुंच को बेहतर बनाना है।

संबंधित खबरें

स्टेट न्यूज़