सीएम मोहन यादव ने जन-विश्वास अभियान के दौरान सुनी जनसमस्याएं, सात अधिकारियों-कर्मचारियों पर गिरी गाज

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वानी में जन-विश्वास अभियान के दौरान जनसमस्याएं सुनी।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वानी में जन-विश्वास अभियान के दौरान जनसमस्याएं सुनी। सीएम मोहन यादव ने आम लोगों, किसानों और विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। सीएम ने शिकायतों के जल्द समाधान करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। सीएम ने अधिकारियों को कहा- मामलों में किसी तरह की कोई लापरवाही न बरती जाए। इसके साथ ही लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में कोई अनावश्यक देरी न हो।

अधिकारियों-कर्मचारियों को किया निलंबित
वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव इस दौरान एक्शन मोड में भी नजर आए। समीक्षा के दौरान सीएम मोहन यादव ने सात अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए। जन-विश्वास अभियान के दौरान सामने आई शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं समीक्षा के दौरान पाया गया कि नामांतरण का काम समय पर नहीं हुआ इस मामले में सीएम ने तत्कालीन तहसीलदार आशा परमार और पटवारी मांगीलाल नरगांवे और ललित बोरसे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए गए।

PM आवास की किस्त में देरी पर एक्शन
इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त हितग्राहियों को समय पर उपलब्ध नहीं कराने के मामले पर भी सीएम मोहन यादव ने एक्शन लिया। इस मामले में सीएम मोहन यादव ने दो मुख्य नगर पालिका अधिकारियों मायाराम सोलंकी और जगदीश धांगड़ और  सहायक यंत्री राजू डावर को निलंबित किया। वहीं संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन, इंदौर एसके सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

सीईओ को किया गया निलंबित
इसके साथ ही पानसेमल के शिकायतकर्ता हरि निमवा ठाकुर ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को बताया कि उन्होंने 11 अप्रैल 2019 को संबल योजना के तहत सहायता राशि के लिए आवेदन किया था, लेकिन लंबे समय बाद भी उन्हें राशि नहीं मिली। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने जनपद पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ सिंह ठाकुर को निलंबित करने के निर्देश दिए।

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