नई दिल्ली में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट के शीर्ष निगरानी प्राधिकरण की तीसरी बैठक हुई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम के अंतर्गत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इसके साथ ही औद्योगिक गलियारा विकास के अगले चरण के लिए प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी भी मौजूद रहे।
निवेशकों की बढ़ती मांग का संकेत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एनआईसीडीपी के अंतर्गत हुई प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि “जमीनी स्तर पर मिल रहे उत्साहजनक परिणाम निवेशकों की बढ़ती मांग का संकेत देते हैं”। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा भंडार के खत्म होने से पहले ही औद्योगिक भूमि और बुनियादी ढांचे की आगामी कार्यों की रूपरेखा तैयार कर ली जानी चाहिए’’।
पिछली शीर्ष बैठक का महत्व किया याद
इस दौरान वित्त मंत्री सीतारमण ने पिछली शीर्ष बैठक के महत्व को भी याद किया। उन्होंने कहा कि ‘टीम इंडिया’ की भावना से प्रेरित होकर औद्योगिक गलियारे का विकास आगे बढ़ाया जाना चाहिए। कार्यक्रम की सफलता के लिए एफआईआरई गलियारे यानी माल ढुलाई, औद्योगिक विकास, रेलवे और एक्सप्रेसवे के समन्वय के महत्व पर भी बल दिया।
बाधाओं को दूर करने का आग्रह
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारा फोकस अब परियोजनाओं की मंजूरी से ज्यादा बुनियादी ढांचे के समय पर पूरा होने, भूमि आवंटन, निवेश और उत्पादन शुरू करने पर होना चाहिए। उन्होंने राज्यों से भूमि, कनेक्टिविटी, उपयोगिताओं से संबंधित बाधाओं को दूर करने का भी आग्रह किया।












