अमित शाह की सशस्त्र सीमा बल को सौगात, विभिन्न परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

अमित शाह ने सिलीगुड़ी में सशस्त्र सीमा बल को सौगात देते हुए विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहे। इस दौरान अमित शाह ने सिलीगुड़ी में सशस्त्र सीमा बल को सौगात देते हुए विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर अमित शाह ने जवानों से संवाद भी किया। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी, दार्जिलिंग के लोकसभा सांसद राजू बिष्ट, केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक महेश दीक्षित, समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

“घुसपैठ रोकना हमारा संकल्प”
इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि “बंगाल में पहले की मुख्यमंत्री SSB और BSF के कार्यक्रमों में नहीं आती थी। उन्होंने कहा कि SSB, BSF और ITBP किसी राजनीतिक दल या सरकार की एजेंसी नहीं, बल्कि सीमा सुरक्षा करने वाले बल हैं और सभी राजनीतिक दलों को इन जवानों के साथ खड़ा रहना चाहिए। अमित शाह ने कहा कि हमारा संकल्प है घुसपैठ रोककर बंगाल और देश को सुरक्षित बनाना। जिसका सबसे मजबूत उपाय फेंसिंग है।

“हरसंभव सहयोग तुरंत प्राप्त हुआ”
अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी की जमकर तारीफ की। अमित शाह ने कहा कि जब से मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने पद संभाला है, हमें सीमा सुरक्षा के लिए हरसंभव सहयोग तुरंत प्राप्त होता है। पश्चिम बंगाल में सरकार गठन के 45 दिन के अंदर ही भारत सरकार को 1129 एकड़ भूमि BSF और SSB के लिए मिल गई। उन्होंने कहा कि यह ऐसी जमीनें थीं, जो भारत सरकार 2014 से ही मांग रही थी, लेकिन बंगाल की पूर्व सरकार ने हमें जमीन नहीं दी। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों ने राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रमुखता देने वाली सरकार को चुना है।

“वंदे मातरम का पूरा गान दुनिया ने सुना”
अमित शाह ने कहा कि “बीते 15 अगस्त को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस का अवसर बहुत खास था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 साल पूरे होने के बाद और देश की आजादी के 80 साल पूरे होने पर पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ का पूरा गान देशवासियों सहित पूरी दुनिया ने सुना। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर कृति ‘वंदे मातरम’ ने हमारी आजादी के आंदोलन को न सिर्फ गति दी बल्कि एक लक्ष्य भी दिया कि आजाद भारत कैसा होगा”।

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