नई दिल्ली में दो दिवसीय नौवें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन–2026 आयोजित किया गया है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शहीद स्तम्भ पर पुष्पांजलि अर्पित की और आसूचना ब्यूरो (IB) के उन बहादुर कर्मियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
सम्मेलन में 850 अधिकारियों ने लिया हिस्सा
बता दें कि सम्मेलन में देशभर से लगभग 850 अधिकारियों ने हिस्सा लिया है। इस सम्मेलन में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री, केन्द्रीय गृह सचिव, उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और CPOs के प्रमुखों ने भाग लिया। सम्मेलन के पहले दिन, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी अहम चुनौतियों पर चर्चा हुई।
विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा
सम्मेलन के पहले दिन विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा की गई। इनमें आतंकवाद से निपटने के तरीके, मल्टी एजेंसी सेंटर के ज़रिए इंटेलिजेंस का एकीकरण, विश्लेषण और उसे लागू करना, नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए विज़न डॉक्यूमेंट, अवैध प्रवासियों की पहचान करके उन्हें वापस भेजना और इसके साथ ही साइबर-क्राइम और पाकिस्तान की प्रॉक्सी वॉर से निपटने के लिए पॉलिसी फ़्रेमवर्क जैसे मुद्दे शामिल रहे।
MHA की ‘प्रहार’ योजना का जिक्र
इसके अलावा अमित शाह ने आतंकवाद और कट्टरपंथ से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए के MHA की ‘प्रहार’ (PRAHAAR) योजना को लागू करने के लिए ट्रेनिंग, ट्रायल में तेज़ी लाने और ‘ट्रायल इन एब्सेंशिया’ के प्रावधानों का इस्तेमाल करने पर ज़ोर दिया। गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए SOP बनाने के लिए MAC प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध जानकारी का AI-आधारित विश्लेषण किया जाए। इसके साथ ही अमित शाह ने अवैध प्रवासियों के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ अपनाने की नीति पर काम करने के किए प्रेरित किया और घुसपैठ की समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार करने का निर्देश दिया।












