संसद का मानसून सत्र जारी है। विपक्ष के हंगामे के बीच सत्र की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष को घेरने मे लगा है वही सत्ता पक्ष का कहना है की सरकार हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार है। लेकिन विपक्ष का गैर-जिम्मेदाराना रवैया सत्र को बाधित कर रहा है। राज्यसभा में गुरुवार को एक बार फिर जमकर हंगामा हुआ। जिसके बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष पर गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने और सार्थक बहस की बजाय सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
विपक्ष की भूमिका नकारात्मक
जेपी नड्डा ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि सदन में विपक्ष की भूमिका नकारात्मक रही है। सरकार ने बार-बार कहा है कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है। लेकिन विपक्ष बार-बार बेवजह हंगामा कर रहा है और इस तरह से सदन नहीं चलने देना निंदनीय है।
विपक्ष की क्या मांग?
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने राज्यसभा में कहा कि विपक्ष चाहता है कि सदन सुचारु रूप से चले। दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर जो कार्रवाई हुई है उसके मुद्दे पर गृहमंत्री अमित शाह सदन में बयान दें। जिसके बाद पूरा सदन विपक्षी सांसदों के अमित शाह सदन में आओ के नारों से गूंज उठा। फिर सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया।












