देश में अब ग्रामीण इंटरनेट की पहुँच में बहुत सुधार हुआ है। साल 2025-26 के दौरान यह सुधार देखने को मिले हैं। अब ग्रामीण इंटरनेट सब्सक्राइबर्स की संख्या प्रति 100 आबादी पर बढ़कर 48.31 हो गई है जो पहले 45.03 थी। इसकी जानकारी लोकसभा में संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने दी है।
ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी बढ़ी
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने लोकसभा में जानकारी देते हुए कहा कि नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन (NBM) 2.0 के तहत सुधार हुए हैं। जिसके तहत 31 मार्च 2026 तक राष्ट्रीय औसत फिक्स्ड ब्रॉडबैंड डाउनलोड स्पीड 60.85 Mbps तक पहुंच गई है। जबकि स्कूलों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनवाड़ियों और पंचायत कार्यालयों जैसे प्रमुख संस्थानों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी बढ़कर 21 लाख 82 हजार 312 कनेक्शन हो गई।
डिजिटल संचार इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
बता दें की यह मिशन 17 जनवरी 2025 को शुरू हुआ था और 1 अप्रैल 2025 से लागू किया गया था। इस NBM 2.0 का मकसद डिजिटल संचार इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में तेज़ी लाना रहा है। इसके अलावा डिजिटल और सामाजिक-आर्थिक अंतर को कम करना और पूरे देश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है।
ग्रामीण फाइबर कनेक्शन के लिए प्रोत्साहन
मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने लोकसभा में कहा कि इस संशोधित प्रोग्राम में लगभग 2.65 लाख ग्राम पंचायतों और मांग के आधार पर लगभग 3.8 लाख गैर-ग्राम पंचायत गांवों में ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी की व्यवस्था की गई है, साथ ही 1.5 करोड़ ग्रामीण फाइबर कनेक्शन के लिए प्रोत्साहन भी शामिल है।
ग्राम पंचायतों को किया अपग्रेड
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि “संशोधित भारतनेट प्रोग्राम के तहत, पूरे देश में मांग के आधार पर लगभग 2.65 लाख ग्राम पंचायतों और लगभग 3.8 लाख गैर-GP गांवों में ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी की व्यवस्था की गई है।” वहीं जून 2026 तक, इसके तहत 43 हजार 908 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई गई हैं और 13 हजार 494 ग्राम पंचायतों को अपग्रेड किया गया।
केंद्र सरकार ने कहा कि इन पहलों का मकसद देशभर के ग्रामीण, दूर-दराज, जंगली और बिना कवरेज वाले इलाकों में ब्रॉडबैंड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। इसके साथ ही टेलीकॉम कनेक्टिविटी में सुधार करना है।












