केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु दौरे पर रहे। जहां अमित शाह ने महाबलीपुरम में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार, केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन, पुदुचेरी के उप-राज्यपाल के. कैलाशनाथन शामिल हुए। इसके साथ ही राज्य सरकारों के मुख्य सचिव, सलाहकार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी के साथ-साथ केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
कई क्षेत्रों में दक्षिण भारत की अहम भूमिका
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि, “दक्षिण भारत का यह क्षेत्र देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि चाहे साहित्य हो, अनुसंधान एवं विकास, अंतरिक्ष, सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, औद्योगिक विकास हो या फिर कृषि, हर सेक्टर में दक्षिण भारत ने हमेशा अपना योगदान दिया है। दक्षिण भारत ने देश के आईटी, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के सभी क्षेत्रों में बहुत बड़ी भूमिका अदा की है। इसीलिए दक्षिण में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भी बहुत बड़ी मात्रा में पहुंचा है”।
तीन स्तंभों पर विकास यात्रा
साथ ही केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि, “दक्षिण भारत की पूरी विकास यात्रा तीन स्तंभों पर हुई है। ये तीन स्तंभ हैं- उच्च साक्षरता दर, ट्रेंड मैन पावर और गहरे समुद्र के उपयोग की तकनीकी विशेषज्ञता। इन तीनों स्तंभों ने दक्षिण भारत को देश के विकास में सबसे बड़ा कंट्रीब्यूटर बनाया है। दक्षिण भारत और यहां की सरकारों ने भी इनोवेशन और रेवेन्यू जनरेशन के क्षेत्र में कई उत्कृष्ट परंपराओं को स्थापित करने का भी काम किया है। उन्होंने कहा कि इन दोनों क्षेत्रों में पूरे देश को दक्षिण भारत से सीख लेनी चाहिए”।
विकास के लिए हर राज्य का योगदान जरूरी
केन्द्रीय गृह मंत्री ने इस दौरान कहा कि “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कहा है कि पिछले सात दशकों में जो नहीं हुआ है वो हमें अगले पांच-सात साल में करना है, तभी हम दुनिया की स्पर्धा में अपना मुकाम प्राप्त कर पाएंगे। इतना विकास करने के लिए हर राज्य को इसमें योगदान देना होगा”।












