भारत के कपड़ा उद्योग को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए केंद्र सरकार निरंतर प्रयासरत है। इस दिशा में केंद्र सरकार की योजना प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव अहम रोल निभा रही है। इस बात की पुष्टि खुद कपड़ा मंत्रालय ने की है। कपड़ा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर किया जिसमें लिखा कि PLI योजना के माध्यम से कपड़ा उद्योग में निवेश, उत्पादन और बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिल रहा है।
कपड़ा मंत्रालय ने पोस्ट की शेयर
मंत्रालय ने अपने पोस्ट में लिखा कि, “प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम MMF अपैरल, MMF फैब्रिक्स और टेक्निकल टेक्सटाइल्स को मज़बूत करके भारत में एक ऐसा टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने में मदद कर रही है जो ग्लोबल स्तर पर कॉम्पिटिटिव और भविष्य के लिए तैयार हो”।
उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करने पर जोर
इससे साफ जाहिर है कि केंद्र सरकार का जोर ऐसे टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को तैयार करने पर है जिसमें घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन मिले। इसके साथ ही वैश्विक बाजार की डिमांड के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार किए जा सकें। PLI के जरिए कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने और निवेश करने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
निवेश को मिल रहा बढ़ावा
मंत्रालय में अपनी पोस्ट में साफ संदेश दिया कि टेक्सटाइल के लिए PLI विकास की अगली लहर को आगे बढ़ा रहा है। ज़्यादा निवेश, ज़्यादा मैन्युफैक्चरिंग, बड़े पैमाने पर काम। इसका मतलब है कि PLI योजना कपड़ा उद्योग में ज्यादा निवेश को बढ़ावा दे रही है।












