दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर एनडीए के सांसदों के साथ बैठक की। इस बैठक में एनसीपीआई में शामिल हुए बागी तृणमूल कांग्रेस के सांसद और एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए शिवसेना (यूबीटी) के सांसद भी शामिल थे। एनसीपीआई की सांसद शताब्दी रॉय भी इस बैठक में शामिल हुई। इस दौरान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों से बातचीत की और संसदीय जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की।
पीएम ने की गर्मजोशी से बातचीत
सांसद शताब्दी रॉय ने बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि, “प्रधानमंत्री ने सभी से गर्मजोशी से बातचीत की और विस्तार से चर्चा की। हम सबने साथ बैठकर चाय पी और उन्होंने सभी से कहा कि उनका योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस बात पर भी चर्चा की कि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास के लिए क्या योजना बना रहे हैं और कैसे काम कर रहे हैं। हमारे सभी सांसद वहां मौजूद थे।”
तालमेल को बेहतर बनाना मकसद
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस बैठक में उन लोकसभा सांसदों को भी बुलाया गया था, जो हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) से अलग होकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए थे। इस बातचीत का मकसद सत्ताधारी गठबंधन के बीच तालमेल को बेहतर बनाना रहा। इस बैठक में शासन, विकास और जन-कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पीएम मोदी ने दी सलाह
बैठक में एनसीपीआई गठबंधन से जुड़े भाजपा सांसद, भाजपा में शामिल पूर्व आप नेता, वरिष्ठ भाजपा नेता तरुण चुघ, विनोद तावड़े और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल थे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को “दिल्ली के नैरेटिव के जाल” में न फंसने और विपक्ष के सदस्यों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की सलाह भी दी।












