राजधानी दिल्ली में जाम की समस्या अकसर लोगों के लिए चिंता का सबब बनी रहती है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने कई परियोजनाएं शुरू की हैं। जिसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में बताया कि दिल्ली में जाम की समस्या से निजात पाने के लिए 1 लाख 4 हजार 145 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इन योजनाओं के तहत राजधानी में 2,105 किलोमीटर लंबाई के सड़क नेटवर्क का निर्माण और विकास किया जाएगा।
सांसद के सवाल का जवाब
बता दें की जाम की समस्या को लेकर दक्षिण दिल्ली से सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने सरकार से सवाल पूछा था जिसके उत्तर में केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी है। नितिन गडकरी ने बताया कि दिल्ली-नोएडा प्रत्यक्ष मार्ग योजना के अंतर्गत डीएनडी से फरीदाबाद और सोहना तक 6 लेन का हरित क्षेत्रीय मार्ग बनाया जाएगा। जिसकी अनुमानित लागत 4 हजार 583 करोड़ रुपये है।
6 लेन की सुरंग का निर्माण प्रस्तावित
केन्द्रीय मंत्री ने यह भी बताया द्वारका द्रुतमार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग-48 को वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ा जाएगा। जिसके लिए शिवमूर्ति से 6 लेन की सुरंग का निर्माण भी प्रस्तावित है। बता दें की इसकी लागत लगभग 7,000 करोड़ रुपये की है।
क्या है सरकार की प्रमुख परियोजनाएं?
दक्षिण दिल्ली की अन्य प्रमुख परियोजनाओं में आश्रम से बदरपुर सीमा तक मार्ग का उन्नयन, महरौली-गुड़गांव मार्ग का विकास, आईएनए से महिपालपुर तक सड़क सुधार किया जाएगा। साथ ही कालिंदी कुंज जंक्शन से ओखला बैराज तक नए संपर्क मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव शामिल है। केंद्र सरकार की इन योजनाओं का उद्देश्य राजधानी दिल्ली में यातायात को सुविधाजनक बनाना है और जाम की समस्या से दिल्लीवासियों को निजात दिलवाना सरकार का लक्ष्य है।












