गुजरात सरकार की ‘निःशुल्क चिकित्सा सहायता योजना’ लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। राज्य सरकार ने पिछले चार वित्तीय वर्षों में सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित 14 हजार 925 से ज्यादा मरीजों को इस योजना से लाभ पहुंचाया है। इस योजना के तहत मरीजों को 14.57 करोड़ रुपए से ज्यादा की मुफ्त चिकित्सा सहायता प्रदान की है। राज्य सरकार विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में इस आनुवंशिक रक्त रोग की जल्द पहचान, उपचार और दीर्घकालिक देखभाल को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
आर्थिक बोझ को कम करना मकसद
जनजाति विकास विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2026-27 के दौरान राज्य की ‘निःशुल्क चिकित्सा सहायता योजना’ के तहत मरीजों को यह आर्थिक सहायता दी गई है। गुजरात सरकार की इस योजना का उद्देश्य मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है और इस दीर्घकालिक बीमारी के उपचार से जुड़े आर्थिक बोझ को कम करना है।
स्क्रीनिंग अभियान चलाए जा रहे
गुजरात सरकार का कहना है कि इस योजना के तहत सिर्फ वित्तीय सहायता ही नहीं दी जा रही है बल्कि इसके साथ-साथ सिकल सेल एनीमिया पर नियंत्रण और मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए स्वास्थ्य रणनीति भी अपनाई गई है। इसके तहत आदिवासी क्षेत्रों में बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। इस अभियानों का मकसद है कि बीमारी की समय पर पहचान हो सके। जिन मरीजों में सिकल सेल एनीमिया की पुष्टि हो जाती है, उन्हें नियमित दवाएं, निरंतर निगरानी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह उपलब्ध कराई जा रही है।
बीमारी के प्रति जागरूक किया जा रहा
वहीं अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्यकर्मियों को जिम्मा सौंपा गया है जो स्थानीय प्रशासन के सहयोग से जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक करना और समय पर जांच और उपचार के लिए प्रेरित करना है।












