देश में इस वक्त SIR यानि विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य तेजी से चल रहा है। इस अभियान के तहत मतदाता सत्यापन का काम किया जा रहा है। ताकि चुनावों के समय किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी का सामना न करना पड़े। इस अभियान के तहत हरियाणा और आंध्र प्रदेश में 15 जून से 24 जुलाई तक चले विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य चला। पूरे सत्यापन के बाद अब दोनों राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने मतदाता सत्यापन के प्रमुख आंकड़े साझा किए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक दोनों ही राज्यों में मतदाता घट गए हैं। बात करें हरियाणा की तो राज्य में 33.83 लाख मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से हटाया गया है । वहीं आंध्र प्रदेश में 44.89 लाख मतदाताओं का नाम सूची से हटाया गया है। इन मामलों में मृत्यु, स्थाई स्थानांतरण, अनुपस्थिति और एक से ज्यादा स्थानों पर नाम दर्ज होने जैसी स्थितियां सामने आई हैं।
दोनों राज्यों में घटी मतदाताओं की संख्या
बता दें कि चुनाव आयोग की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में कुल 1.727 करोड़ मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त हुए। 24.13 लाख मतदाता स्थाई रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित और अन्य कारणों से सत्यापित नहीं हो सके। इनमें से 7.66 लाख मतदाताओं के निधन की सूचना प्राप्त हुई है, जबकि 2.04 लाख मतदाता एक से ज्यादा स्थानों की मतदाता सूची में दर्ज पाए गए। वहीं बात करें आंध्र प्रदेश की तो राज्य में 3.71 करोड़ मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र जमा किए। इनमें से 15.22 लाख मतदाताओं के निधन की सूचना सामने आई। वहीं 22.30 लाख मतदाता स्थाई रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित और अन्य कारणों से सत्यापित नहीं हो पाए। इसके अलावा 7.37 लाख मतदाताओं के नाम एक से ज्यादा स्थानों पर दर्ज मिले।
निर्वाचन अधिकारियों ने दी जानकारी
दोनों राज्यों के निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए, वे जरूरी नहीं
कि सूची से बाहर कर दिए जाएं। ऐसे मामलों में कारण यह हो सकता है कि संबंधित व्यक्ति दूसरे राज्य
में मतदाता बन चुका हो, निर्धारित अवधि तक प्रपत्र जमा न किया हो, संबंधित पते पर उपलब्ध ना
मिला हो या किसी अन्य कारण से पंजीकरण नहीं कराना चाहता हो।
मतदाता सूची में शामिल करवाएं अपना नाम
आयोग ने बताया है कि 31 जुलाई से 30 अगस्त तक चलने वाली आपत्तियों की अवधि के
दौरान वास्तविक पात्र मतदाता फॉर्म-6 और निर्धारित घोषणा-पत्र के माध्यम से अपना नाम मतदाता
सूची में शामिल करा सकते हैं। वहीं, जिन मतदाताओं के नाम एक से ज्यादा स्थानों पर पाए गए हैं,
उनका नाम सिर्फ एक ही निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में रखा जाएगा।












