केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत हवाई अड्डों का विकास कार्य हो रहा है। सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना ‘उड़े देश का आम नागरिक’ के तहत झारखंड के छह हवाई अड्डे चुने गए हैं। इनमें से चार हवाई अड्डों का विकास कार्य पूरा कर लिया गया है। राज्यसभा में सांसद परिमल नथवाणी ने इस मुद्दे पर सरकार से सवाल किए थे। जिसका जवाब देते हुए नागरिक विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने यह जानकारी दी।
किन 6 हवाई अड्डों का विकास?
सरकार के अनुसार, इस योजना में झारखंड के जिन 6 हवाई अड्डों को शामिल किया गया है उनमें बोकारो, दुमका, जमशेदपुर, हजारीबाग, देवघर और डाल्टनगंज शामिल हैं। जिनमें से जमशेदपुर और देवघर हवाई अड्डों से पहले ही उड़ान सेवाएं संचालित हो रही हैं। वहीं, बोकारो और दुमका हवाई अड्डों का विकास कार्य पूरा हो चुका है।
छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ना उद्देश्य
केंद्र सरकार के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में झारखंड में हवाई अड्डों के विकास के लिए 122.04 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। इनमें से अब तक 117.61 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस राशि का उपयोग हवाई अड्डों के विकास कार्यों के लिए किया जा रहा है। हवाई अड्डों में आधारभूत सुविधाएं विकसित करने और छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए इस राशि का उपयोग किया गया है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि उड़ान योजना के तहत जिन हवाई अड्डों को विकसित किया जा चुका है उनमें बोकारो और दुमका एयरपोर्ट से उड़ानें कब से शुरू होंगी।
करोड़ों लोगों को मिलेगी क्षेत्रीय हवाई सेवा
बता दें कि 4 जुलाई से केंद्र सरकार ने उड़ान योजना का नया संस्करण लागू किया है। इसके तहत अगले 10 सालों में देश के 120 नए या कम सेवा वाले हवाई अड्डों और गंतव्यों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का उद्देश्य करीब चार करोड़ लोगों तक सस्ती क्षेत्रीय हवाई सेवा पहुंचाना है।












