उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण युवाओं को उच्च शिक्षा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में राज्य सरकार अब ग्राम पंचायतों को भी हाईटेक करने में जुटी हुई है। और अब इसी के तहत पंचायती राज विभाग की ओर से प्रदेश की 11 हजार 350 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध रूप से हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरियों की स्थापना की जा रही है। इस लाइब्रेरियों से न सिर्फ ग्रामीण युवा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार हो पाएंगे। इसके साथ ही युवाओं को उनके गाँव में ही आधुनिक सुविधाएं भी मिल सकेंगी।
पुस्तकों और फर्नीचर की आपूर्ति
इस योजना के पहले चरण में 37 जनपदों में पुस्तकों और फर्नीचर की आपूर्ति शत-प्रतिशत पूरी हो चुकी है। बता दें की अब तक 10 हजार 976 ग्राम पंचायतों में पुस्तकों और 9 हजार 909 ग्राम पंचायतों में आधुनिक फर्नीचर की स्थापना पूरी की जा चुकी है। प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर लगभग 4 लाख रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिसमें पुस्तकों, आईटी उपकरणों तथा आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था शामिल है।
डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध
इन डिजिटल लाइब्रेरी में विद्यार्थियों को 20 हजार से ज्यादा डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। जिससे विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अपनी तैयारी पूरी कर सकेंगे। इसके साथ ही ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट, डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल एवं इंटरैक्टिव क्विज उपलब्ध कराए जाएंगे।
योजना के सकारात्मक परिणाम
वहीं विशेष बात यह है कि इस योजना के सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा डिजिटल लाइब्रेरी योजना ग्रामीण युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। सरकार का लक्ष्य है कि गाँव का कोई भी प्रतिभाशाली छात्र संसाधनों के अभाव में पीछे न रहे। और उसे हर सुविधा उसके ही गाँव में उपलब्ध हो सकते ताकि वो अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर सके।












