संभल में तुर्क बिरादरी के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार, पिछड़े मुस्लिम परिवार ने परंपरा बदलने का लगाया आरोप

संभल जिले में मुस्लिम समुदाय की पिछड़ी जाति से जुड़े एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि तुर्क बिरादरी के कुछ लोग मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ने देने और पुरानी परंपरा बदलने का दबाव बना रहे है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘तुर्कों की तुर्कायी नहीं चलेगी’। जिसके बाद संभल जिले से एक मामला सामने आया है जिसमें मुस्लिम समुदाय की पिछड़ी जाति से जुड़े एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि तुर्क बिरादरी के कुछ लोग मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ने देने और पुरानी परंपरा बदलने का दबाव बना रहे है। पीड़ित व्यक्ति ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा। जिसमें उसने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।

तुर्क बिरादरी के लोगों पर आरोप
थाना ऐंचोड़ा कंबोह क्षेत्र के ग्राम माडली समसपुर निवासी मोहम्मद वसीम ने आरोप लगाया है कि तुर्क बिरादरी के कुछ लोगों ने पुरानी व्यवस्था बदलने का प्रयास शुरू कर दिया है। जिसका विरोध उन्होनें किया तो उन्हें और उनके परिवार को नमाज पढ़ाने से रोक गया और गांव छोड़ने की धमकी दी गई।

समझौता होने के बाद भी विवाद
पीड़ित व्यक्ति ने बताया की इस विवाद को लेकर साल 2024 में पुलिस की मौजूदगी में समझौता हुआ था, जिसके तहत पुरानी व्यवस्था को बरकरार रखने पर सहमति बनी थी। इस समझौते के करीब 18 महीने तक व्यवस्था सुचारु रूप से चली, लेकिन बाद में फिर विवाद शुरू हो गया।

पीड़ित ने डीएम से लगाई गुहार
पीड़ित मो. वसीम के मुताबिक, 3 जुलाई 2026 को जुमे की नमाज के बाद आरोपियों ने उससे कहा कि अगर वो उनकी बताई व्यवस्था के अनुसार नमाज नहीं पढ़ाएंगे तो उन्हें मस्जिद में इमामत नहीं करने दी जाएगी। पीड़ित ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की गुहार लगाई है। पीड़ित ने आरोपितों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के साथ-साथ पुरानी व्यवस्था को बहाल कराने की मांग की।  

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