उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ‘उन्नति’ के माध्यम से प्रशिक्षण व्यवस्था को नई दिशा दी है। शिक्षण ‘उन्नति’ के माध्यम से प्रशिक्षण की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है। इससे शिक्षकों के प्रशिक्षण को मजबूती देने का काम किया जा रहा है। ‘उन्नति’ के जरिए प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा सके। एफएलएन और एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षामित्रों की अकादमिक क्षमता को मजबूत किया जा रहा है।
‘उन्नति’ से मजबूत होगा शिक्षक प्रशिक्षण
बता दें कि ‘उन्नति’ यानि (यूनिफाइड नेटवर्क फॉर नर्चरिंग एकेडमिक ट्रेनिंग एंड इनोवेशंस) शिक्षक प्रशिक्षण को मजबूत करने वाली ऑनलाइन पर्यवेक्षण व्यवस्था है। ‘उन्नति’ का उद्देश्य प्रशिक्षण को ज्यादा प्रभावी बनाना है। ऑनलाइन पर्यवेक्षण के माध्यम से प्रशिक्षण की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। इसके साथ ही सामने आने वाली प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों को समझने में भी मदद मिलेगी। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और उसके प्रभाव को बेहतर बनाने की दिशा में जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे।
प्रशिक्षण की ऑनलाइन निगरानी
प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन पर्यवेक्षण किया जाएगा। राज्य परियोजना कार्यालय के अधिकारियों, विशेषज्ञों और कंसल्टेंट्स द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह पर्यवेक्षण किया जाएगा। इसके लिए हर प्रशिक्षण हॉल में हाई-रिजॉल्यूशन वेब कैमरा उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। वहीं माइक्रोफोनसाउंड सिस्टम और ऑनलाइन कनेक्टिविटी के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। प्रतिभागियों की आवाज स्पष्ट रूप से सुनाई दे।












