फास्टट्रैक कोर्ट में होगी नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई, दोषियों को सजा का क्या प्रावधान?

दिल्ली उच्च न्यायालय ने फास्टट्रैक कोर्ट गठित कर दिया। इस कोर्ट का विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालिगा को नियुक्त किया गया।

पेपर लीक मामले की गूंज सड़क से संसद तक सुनाई दी। जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फास्टट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की। पीएम की इस घोषणा के कुछ घंटों बाद ही दिल्ली उच्च न्यायालय ने फास्टट्रैक कोर्ट गठित कर दिया। इस कोर्ट का विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालिगा को नियुक्त किया गया।

विशेष न्यायाधीश होंगी अनु ग्रोवर बालिगा
दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक आदेश में कहा कि यह एवेन्यू कोर्ट परिसर से यह फास्टट्रैक कोर्ट संचालित होगा। जिसकी विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालिगा होंगी। राउज एवेन्यू कोर्ट में पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े सभी मामलों अब फास्टट्रैक कोर्ट में हस्तांतरित कर दिये जायेंगे।

पीएम मोदी ने की थी घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पेपर लीक में शामिल लोगों को बक्शा नहीं जाएगा। दोषियों को कठोर से कठोर सजा दी जाएगी। और इसी के मद्देनजर फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया है। नीट पेपर लीक मामले में आरोपियों पर नए ‘एंटी-चीटिंग’ कानून के तहत कार्रवाई होगी और उन पर ‘पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।

कानून के तहत क्या प्रावधान?
बता दें की इस कानून के तहत जो भी दोषी पाए पाया जाएगा उसे पांच साल की जेल और 10 लाख रुपए का जुर्माना हो सकता है। अभी हाईकोर्ट में लगभग चार मामले लंबित हैं और अब इन सभी मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी।

संबंधित खबरें

स्टेट न्यूज़