असम में बाढ़-बारिश ने भीषण तबाही मचाई। कई लोगों की जानें चली गई, कई लोगों के घर उजड़ गए। राज्य में लोगों का जन-जीवन अब असत-व्यस्त हो गया है। गर्मियों के कारण स्कूलों में छुट्टियाँ कर दी गई थी इस बीच ही राज्य में यह त्रासदी देखने को मिली।
जिला प्रशासन करेगा फैसला
अब 1 अगस्त को गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलेंगे या नहीं यह फैसले संबंधित जिला प्रशासन लेगा। असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगु ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों में स्कूल फिर से खोलने का फैसला संबंधित जिला प्रशासन करेगा। बाढ़ के बाद पैदा हुए हालातों को देखते हुए ही यह फैसला लिया जाएगा।
डिप्टी कमिश्नरों के साथ हुई वार्ता
शिक्षा मंत्री पेगु ने कहा कि शिक्षा विभाग ने इस मामले पर सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों के साथ बातचीत की है। डिप्टी कमिश्नरों से हाल ही में आई बाढ़ के बाद शिक्षण संस्थानों की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है। मंत्री ने कहा कि डिप्टी कमिश्नर अपने-अपने जिलों में मौजूदा हालात के आधार पर फैसला लेंगे।
कई शिक्षण संस्थान की हालत खराब
साथ ही उन्होंने कहा कि शुरुआती रिपोर्टों से साफ हुआ है कि कुछ स्कूलों को छोड़कर, ज्यादातर शिक्षण संस्थान अभी पढ़ाई-लिखाई की गतिविधियां फिर से शुरू करने की स्थिति में नहीं हैं। हालांकि, स्थानीय हालात का जायजा लेने के बाद अंतिम फैसला जिला प्रशासन ही करेगा।
अंतिम फैसला करेगा जिला प्रशासन
मंत्री ने कहा कि यह मामला जिला प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आता है क्योंकि यह प्राकृतिक आपदा के प्रबंधन से जुड़ा है। ऐसी स्थितियों में, जिला प्रशासन के पास ही फैसला लेने का सबसे बड़ा अधिकार होता है। इसलिए, डिप्टी कमिश्नर ही तय करेंगे कि उनके जिलों में स्कूल फिर से खुल सकते हैं या नहीं।












