केंद्र सरकार स्माइल योजना के तहत भीख मांगने में शामिल लोगों को दोबारा सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध करवा रही है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय 23 अक्टूबर 2023 से इस योजना को चल रहा है। यह योजना 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 216 प्रमुख शहरों और कस्बों में चलाई जा रही है। जिसका उद्देश्य आजीविका और उद्यम के लिए वंचित व्यक्तियों को सहायता-स्माइल योजना के अंतर्गत भीख मांगने में शामिल लोगों का व्यापक पुनर्वास है।
सर्वेक्षण और बचाव अभियान
मंत्री ने बताया कि योजना के तहत सर्वेक्षण और बचाव अभियान चलाए जा रहे है। जिससे भीख मांगने में बच्चो सहित शामिल लोगों से संबंधित आंकड़े जुटाए जाते हैं। योजना में भीख मांगने में शामिल पाए गए बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ऐसे बच्चों को जहां संभव हो, उनके परिवारों से मिलाया जाता है या आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों के माध्यम से उचित सहायता दी जाती है।
कुल 2,824 बच्चों की पहचान
बता दें कि 30 जून 2026 तक योजना के अंतर्गत कुल 2,824 बच्चों की पहचान की गई जिनका बचाव और पुनर्वास किया गया है। इनमें से 1,549 बच्चों को उनके परिवार से मिलाया गया वहीं 309 बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों में दाखिल कराया गया। इसके अलावा 290 बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। अन्य 676 बच्चों को स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने के लिए भेजा गया।
समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास
मंत्री ने बताया कि सरकार भीख मांगने में शामिल बच्चों के लिए कोई अलग योजना लागू नहीं कर रही है। केंद्र की स्माइल योजना के तहत ऐसे बच्चों की पहचान, बचाव, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रावधान हैं।












