केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने संसद के मानसून सत्र के दौरान झारखंड और ओडिशा के सांसदों के साथ बैठक की। यह बैठक ‘टीबी मुक्त भारत’ की दिशा में प्रयासों को तेज करने के लिए सांसदों के साथ सरकार के निरंतर संवाद के तहत आयोजित हुई। इस बैठक में केन्द्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ भी शामिल हुए।
टीबी रोग के खिलाफ लड़ाई को मजबूती
“टीबी मुक्त भारत के लिए सांसदों की प्रतिबद्धता” विषय के तहत यह बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में झारखंड और ओडिशा के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों ने दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर भाग लिया। यह बैठक टीबी रोग के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
100-दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान
इस बैठक के दौरान हाल ही में संपन्न 100-दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की गई। बता दें कि टीबी उन्मूलन के प्रयासों में तेजी लाने के लिए इस अभियान को दो चरणों में लागू किया गया था। 24 मार्च 2026 को शुरू किए गए दूसरे चरण में देशभर के लगभग 1.58 लाख उच्च जोखिम वाले गांवों और शहरी वार्डों को शामिल किया गया और यह चरण जुलाई 2026 में पूरा हुआ।
2.2 करोड़ से ज्यादा संवेदनशील व्यक्तियों की जांच
बता दें कि इस अभियान के दौरान 2.2 करोड़ से ज्यादा संवेदनशील व्यक्तियों की जांच की गई। 7 लाख से ज्यादा नए टीबी मामलों का पता लगाया गया और 1.97 लाख बिना लक्षण वाले टीबी मामलों की पहचान की गई। झारखंड और ओडिशा में टीबी के कई जोखिम कारकों की मौजूदगी को देखते हुए ये राज्य महत्वपूर्ण फोकस वाले राज्य बने हुए हैं।
हजारों मरीजों को किया गया अधिसूचित
100-दिन के अभियान के दौरान, झारखंड में 16 हजार 754 टीबी मरीजों को अधिसूचित किया गया था, जिनमें 4 हजार 574 बिना लक्षण वाले मामले शामिल थे। वहीं, ओडिशा में 15 हजार 268 मरीजों को अधिसूचित किया गया, जिनमें 3 हजार 514 बिना लक्षण वाले मामले शामिल थे।












