केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी आधारित डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और केंद्रीय राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभणिया विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता
इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह पहल सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने का अहम कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में किसानों और गरीबों के हित से कोई समझौता नहीं होगा। सीबीडीसी‑आधारित डीबीटी के जरिए राशन और खाद्यान्न का भुगतान सीधे, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचेगा। चंडीगढ़ में शुरू यह प्रयोग देशव्यापी मॉडल के रूप में अपनाया जाएगा।
नई व्यवस्था में तकनीकी पाबंदियां
केन्द्रीय मंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि नई व्यवस्था में कुछ तकनीकी पाबंदियां लगाई गई हैं। लाभार्थी सिर्फ खाद्यान्न और अन्य जरूरी खाद्य वस्तुओं की खरीद पर ही लेनदेन कर सके ताकि पैसा गलत जगह खर्च न हो। साथ ही, लाभार्थियों को चॉइस की सुविधा भी मिलेगी। वे गेहूं‑चावल के अलावा दाल या अन्य जरूरी खाद्य पदार्थ चुन सकेंगे।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की सराहना
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को निशुल्क राशन उपलब्ध कराना देश की बड़ी सामाजिक सुरक्षा है। शिवराज चौहान ने बताया कि यह योजना सिर्फ पेट भरने तक सीमित नहीं है। इससे परिवारों की आर्थिक मजबूती आएगी और खर्च बचकर बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यकताओं पर लगाया जा सकेगा।












