यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 का आयोजन हुआ। जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट के वेलेडक्टरी सेशन में मुख्यमंत्री योगी ने संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान के रिश्ते अब सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं रहेंगे। बल्कि अब लॉन्ग-टर्म, ट्रस्ट-बेस्ड पार्टनरशिप के रूप में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे। सीएम ने प्रदेश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में काम होगा।
उद्योगों का भविष्य तैयार करने का प्रयास
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जापान उत्तर प्रदेश के लिए सिर्फ इन्वेस्टर नहीं, बल्कि को-क्रिएटर है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि एमओयू को प्रोडक्शन, प्रोडक्शन को ग्लोबल एक्सपोर्ट और निवेश को रोजगार में बदलना। उत्तर प्रदेश चाहता है कि जापान के साथ मिलकर इन उद्योगों का भविष्य तैयार किया जाए।
चारों आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट्स, हाई-स्पीड कनेक्टिविटी और मॉडर्न ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश का लक्ष्य कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना तो है ही , इसके साथ ही एक ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम तैयार करना है, जो इंडस्ट्री को स्पीड, आम नागरिक को सेफ्टी और इन्वेस्टर्स को रिलायबिलिटी दे सके। आज ग्लोबल कंपनियां ऐसे स्थान की तलाश में हैं, जहां रेजिलिएंस, रिलायबिलिटी, ग्लोबल सप्लाई चेन के लिए डायवर्सिफिकेशन और बड़े पैमाने पर ग्रोथ की क्षमता हो। उत्तर प्रदेश इन चारों आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता रखता है।
यामानाशी मॉडल का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साथ ही कहा कि फरवरी 2026 की जापान यात्रा के दौरान जापानी सीईओज, बिजनेस एसोसिएशंस और इंडस्ट्री डेलिगेशंस के साथ विस्तार से चर्चा हुई थी। इस वार्ता में उत्तर प्रदेश सरकार और जापान के अन्य प्रीफेक्चर्स के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी थी। इसके साथ हीअब यामानाशी के साथ विकसित मॉडल को जापान के अन्य प्रिफेक्चर्स तक भी विस्तार दिया जाएगा। इसके लिए यामानाशी के गवर्नर ने सहयोग की इच्छा जताई है। सीएम योगी ने खुशी जाहीर करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने जापानी डेलिगेशन के साथ एमओयू किया है।












