केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने की उच्च स्तरीय बैठक, परियोजना सारथी के प्रभाव की समीक्षा

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने उच्च स्तरीय बैठक की।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान देश भर के अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में प्रोजेक्ट सारथी के विस्तार की संभावनाओं का आकलन किया गया। इस बैठक में केन्द्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया भी मौजूद रहे।

परियोजना सारथी के प्रभाव की समीक्षा
इस बैठक के दौरान चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में परियोजना सारथी के प्रभाव की समीक्षा की गई। इस परियोजना को केंद्रीय सरकारी अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में लागू करने पर विचार-विमर्श किया गया। प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों के माध्यम से मरीजों के अनुभव को बेहतर बनाना इस पहल का उद्देश्य है। इसके साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में सामुदायिक भागीदारी को भी मजबूत करना है।

प्रोजेक्ट सारथी से मिली सुविधा
केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा का दायरा व्यापक है। इसका उद्देश्य रोगियों और उनके परिचारकों को अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान समय पर मार्गदर्शन, सहायता और सहानुभूतिपूर्ण सहयोग मिले। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रोजेक्ट सारथी से यह साफ हुआ कि कैसे सुनियोजित स्वयंसेवी मदद से रोगियों की सुविधा बेहतर हो सकती है। साथ ही स्वास्थ्य पेशेवरों को नैदानिक ​​जिम्मेदारियों पर ज्यादा प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित देने में मदद मिल जाती है।

पहल के परिणामों की जानकारी
चंडीगढ़ के PGIMIR में मंत्रियों को इस पहल के परिणामों के बारे में जानकारी दी गई। जहां सारथी स्वयंसेवकों ने अस्पताल तक पहुंचने में सहायता, व्हीलचेयर और स्ट्रेचर पर सहायता, निदान सेवाओं के लिए मार्गदर्शन और अन्य गैर-नैदानिक ​​सहायता प्रदान करके रोगियों की मदद की है। इस पहल के तहत 2,500 से ज्यादा स्वयंसेवकों को जुटाया गया है, जिन्होंने 1.5 लाख से ज्यादा घंटे सेवा देकर मरीजों के अनुभव को बेहतर बनाया है।

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