बिहार कैबिनेट की बैठक बुधवार को आयोजित की गई। यह बैठक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिसमें कई अहम प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। कैबिनेट बैठक में राज्य के सामाजिक कल्याण, पेयजल, आधारभूत संरचना, कृषि, सहकारिता और औद्योगिक विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के पदों पर बहाली
कैबिनेट बैठक में आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के पदों पर बहाली को मंजूरी दी गई है। 22 हजार से ज्यादा पदों पर बहाली का कैबिनेट ने फैसला लिया है। इससे आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के लिए रोजगार के रास्ते साफ हो गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे आंगनबाड़ी सेवाओं को और ज्यादा प्रभावी बनाया जा सकेगा। यह आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं से जागरूक करेंगी वहीं बच्चों के पोषण को लेकर महिलाओं को विस्तार से जानकारी देगी।
बैठक में विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी
बैठक में अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन के तहत लखीसराय और किशनगंज जलापूर्ति परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। जिसके तहत लखीसराय जलापूर्ति योजना के लिए 150.96 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं वहीं किशनगंज जलापूर्ति योजना के लिए 53.71 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
गन्ना किसानों के लिए फैसला
इसके अलावा मंत्रिमंडल ने बंद पड़ी चीनी मिल परिसरों में नई सहकारी चीनी मिलों की स्थापना और गन्ना उपोत्पाद आधारित उद्योग विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। सरकार का मानना है कि इस पहल से गन्ना किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वहीं क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।












