राजस्थान कैबिनेट की बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में समान नागरिक संहिता यानि UCC विधेयक को मंजूरी दे दी गई है। जिसके बाद अब राजस्थान सरकार UCC विधेयक को विधानसभा के आगामी सत्र में पेश करेगी। बता दें की इस विधेयक में तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण, लिव-इन-रिलेशनशिप व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने का प्रावधान किया गया है। वहीं आदिवासी और जनजाति क्षेत्र के रीति-रिवाजों को इस विधेयक से बाहर रखा गया है।
कानून के तहत क्या नियम?
UCC कानून के तहत विवाह का पंजीकरण सभी समुदायों के नवविवाहितों को 60 दिन में करवाना आवश्यक होगा। इस कानून के तहत लिव-इन-रिलेशनशिप की शुरूआत और समाप्ति की जानकारी भी देनी होगी। इसके साथ ही तलाक का पंजीकरण करवाना आवश्यक होगा। बता दें की पंजीकरण नहीं करवाने पर दस हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान इस कानून के तहत किया गया है।
क्या प्रावधान किए गए?
UCC कानून लागू होने के बाद एक से ज्यादा विवाह पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। हालांकि पुनर्विवाह करने में छूट रहेगी। बता दें कि पहले कई समुदायों में पुनर्विवाह प्रतिबंधित था। इस कानून में उत्तराधिकार के तहत सभी धर्मों में अब पुत्र-पुत्रियों को समान अधिकार मिलेगा। पहले पिता के रहते हुए अगर पुत्र की मौत हो जाती थी तो पौत्र को संपति का अधिकार नहीं होता था, लेकिन यूसीसी कानून में पौत्र को भी संपति के अधिकार का प्रावधान किया गया है।












