मुख्यमंत्री धामी की योजनाओं से बदली तस्वीर, वैज्ञानिक बागवानी से आत्मनिर्भर उत्तराखंड का संकल्प हो रहा साकार

उत्तराखंड की धामी सरकार की बागवानी और किसान हितैषी योजनाएं अब वरदान साबित हो रही हैं।

उत्तराखंड की धामी सरकार की बागवानी और किसान हितैषी योजनाएं अब वरदान साबित हो रही हैं। राज्य में पलायन और सीमित रोजगार की चुनौती के बीच ये योजनाएं आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और आजीविका के साधन उपलब्ध हो रहे हैं।

वैज्ञानिक बागवानी से मिसाल की कायम
जनपद पौड़ी गढ़वाल के किसान जिन्होंने आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक बागवानी के माध्यम से एक नई मिसाल कायम कर दी है। हर सीजन में लगभग 3 से 4 लाख रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी यह सफलता से साफ जाहिर है कि अगर सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग किया जाए और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाया जाए तो यह लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में भी बागवानी लाभकारी और टिकाऊ स्वरोजगार का माध्यम बन सकती है।

किसानों को सरकारी योजनाओं से किया जागरूक
वहीं जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भांडाडी ने बताया कि जनपद में सेब, कीवी सहित उच्च मूल्य वाली फल बागवानी को बढ़ावा देने के लिए लगातार किसानों को जागरूक किया जा रहा है। किसानों को तकनीकी परामर्श, प्रशिक्षण और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है साथ ही इन योजनाओं के माध्यम से आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर कम भूमि में भी बेहतर उत्पादन कर सकता है जिससे अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से विभागीय योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाकर बागवानी को अपनाने का आह्वान किया।

आत्मनिर्भर उत्तराखंड का संकल्प हो रहा साकार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने की दिशा में किसान दीनदयाल बिष्ट की सफलता एक प्रेरक उदाहरण है। उनकी उपलब्धि प्रदेश के युवाओं और किसानों को भी यह संदेश देती है कि सरकारी योजनाओं, आधुनिक तकनीक से अपने गांव में रहकर भी सम्मानजनक आय अर्जित की जा सकती है।

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