उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘भारत रत्न’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि पर नमन किया। सीएम योगी ने श्रद्धा निवेदित करते हुए लोकभवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
‘राष्ट्र सर्वोपरि’ के भाव से कार्य
सीएम योगी ने इस दौरान कहा कि अटल जी का छह दशक का सार्वजनिक जीवन निर्विवाद और निष्कलंक रहा। अटल जी ने भारतीय राजनीति के अजातशत्रु के रूप में ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ के भाव के साथ निरंतर कार्य किया। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में कश्मीर में धारा-370 लगाए जाने के विरोध में सत्याग्रह से की थी।
दल से ऊपर देश को दिया महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी के लिए सांसद, विदेश मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रधानमंत्री की अलग-अलग भूमिकाओं में भी सदैव ‘राष्ट्र प्रथम’ रहा। वो चाहे किसी भी पद पर रहे हों, लेकिन उनका जीवन का ध्येय केवल ‘राष्ट्र प्रथम’ था। जब-जब भी आवश्यकता पड़ी, उन्होंने दल से ऊपर देश को महत्व दिया।
राष्ट्र की सुरक्षा में दिया योगदान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने जब देश पर इमरजेंसी थोपी थी तो अटल जी ने जनसंघ का जनता पार्टी में विलय करते हुए आपातकाल से मुक्ति के आंदोलन में बढ़ चढ़कर भाग लिया था। उन्होंने 1962, 1965, 1971 के युद्ध में सरकार को कटघरे में खड़ा करने की बजाय सरकार के साथ जिम्मेदार सांसद के रूप में खड़े होकर राष्ट्र की सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने में अपना योगदान दिया।
यशस्वी शासन का मनवाया लोहा
सीएम ने कहा कि अटल जी को पहली बार 1957 में उत्तर प्रदेश की बलरामपुर संसदीय सीट से संसद में जाने का अवसर मिला। अटल जी पांच बार लखनऊ संसदीय क्षेत्र से सांसद बने। नेता विरोधी दल और प्रधानमंत्री के रूप में यशस्वी शासन का लोहा मनवाया। आज पूरा देश पूर्व प्रधानमंत्री की स्मृतियों को नमन कर रहा है।












